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कोलकाता में विपक्ष की रैली कई पूर्व नेता भी थे शामिल ।

आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ‘विपक्षी एकजुटता रैली’ है। ममता बनर्जी की महारैली में आज न सिर्फ विपक्षी एकता की झलक दिखेगी, बल्कि केंद्र की मोदी सरकार को एक संदेश देने की भी कोशिश होगी। विपक्षी दलों के नेता एक ही मंच पर नजर आ रहे हैं। इस रैली में विपक्षी दलों से समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, डीएमके चीफ एमके स्टालिन, पूर्व भाजपा नेता अरुण शौरी, शरद यादव, अरविंद केजरीवाल के अलावा भी कई नेता शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद इस रैली में शामिल नहीं हो रहे। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे तथा अभिषेक मनु सिंघवी को कोलकाता भेजने का फैसला लिया है। इस रैली में केंद्र में सत्तारूढ़ नरेंद्र मोदी सरकार को हराने के बारे में महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है।

विपक्ष की एकजुटता रैली में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं समझता हूं किे आज भारत की राजनीति में बेहद महत्‍वपूर्ण और ऐतिहासिक दिन है। पिछले कुछ सालों में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने देश का कबाड़ा कर दिया। देश की जनता अब इस जोड़ी से परेशान हो चुकी है। आज देश का युवा परेशान है, उसके पास नौकरी नहीं है। मोदी जी ने युवाओं को झूठ बोलकर वोट लिया था। उन्‍होंने वादा किया था कि युवाओं को करोड़ों नौकरियां देंगे। लेकिन वादा पूरा नहीं किया। किसान परेशान हैं। मोदी सरकार किसानों को इंश्‍योरेंस कंपनियों के पास भेज देते हैं, जहां उनके हाथ कुछ नहीं लगता।

रैली में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा, मैं सबसे पहले ममता दीदी को बधाई दूंगा कि ऐसा ऐतिहासिक कार्यक्रम करने का फैसला लिया है। रैली में जहां तक नजर जा रही है, वहां सिर्फ लोग नजर आ रहे हैं। देश खतरे में है। बंगाल की धरती को मैं नमन करता हूं और जो बात बंगाल से चलेगी, वो पूरे देश में दिखाई देगी। वो कहते हैं कि महागठबंधन के पास दुल्‍हे बहुत हैं। वो पूछते हैं कि प्रधानमंत्री का उम्‍मीदवार कौन होगा? हम उन्‍हें बताना चाहते हैं कि हमारे पास तो दूल्‍हे बहुत हैं, लेकिन आपके पास कौन है। हमने गठबंधन की राजनीति आपसे ही सीखी है।

बसपा नेता सतीश मिश्रा ने विपक्षी एकजुटता रैली में कहा कि केंद्र की मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। सरकार बनने से पहले बहुत वादे किए और सत्ता पर काबिज होने के बाद सभी वादों को भूल गए। किसान, गरीब, मजदूरों और दलितों को परेशान किया है। करोड़ों लोगों को इनके कामों की वजह से बेरोजगार होना पड़ा है। बाबा साहब अंबेडकर के विचारों को बचाने के लिए हमें केंद्र की सरकार को उखाड़ फेंकना होगा।

यूनाइटेड इंडिया रैली में नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि आज देश खतरे में है। ये किसी को हटाने की नहीं, बल्कि देश को बचाने की बात है। देश में आज हर जगह लोगों को लड़ाया जा रहा है। ईवीएम पर निशाना साधते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि हम सबको मिलकर चुनाव आयोग जाना चाहिए, राष्ट्रपति से मिलना चाहिए और इस वोटिंग मशीन को खत्म करना चाहिए। इस ईवीएम से वोटों की चोरी की जाती है। वहीं ट्रिपल तलाक पर वह बोले कि ये ट्रिपल तलाक पर तो खड़े हो गए, लेकिन महिलाओं के आरक्षण के बिल को पास नहीं कर रहे हैं। यही इनका दोहरा चरित्र है। इस साल नई हुकूमत बनेगी। हिन्दुस्तान फौज से नहीं दिलों से मजबूत होगा। आप लोग कश्मीर आइए और कश्मीर को देखिए, मैं आपको न्यौता देता हूं।

ममता बनर्जी की कोलकाता रैली में शरद यादव ने कहा कि देश की आजादी, किसान, व्यापार, खतरे में हैं। वह बोले कि देश की आजादी में सबसे ज्यादा कुर्बानी बंगाल के लोगों ने दी है। आपको एक बार फिर से आगे आने होगा। इस सरकार को हटाना है, क्योंकि यह अघोषित इमरजेंसी है। आज इतिहास का बहुत बड़ा मौका है। देश संकट में है, किसान तबाह है, नौजवान बर्बादी की कगार पर है। दुकानदारों का व्यापार GST के चलते बंद है। नोटबंदी की वजह से देश की अर्थव्यवस्था 12 साल पीछे चली गई। एक भी ऐसी संस्था नहीं बची है, जिसे केंद्र में वर्तमान सरकार ने नष्ट नहीं किया है।

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